Headlines
Loading...
कोरोना केस 1 लाख के पार, ये हैं देश-दुनिया के टॉप डॉक्टर्स के विचार

कोरोना केस 1 लाख के पार, ये हैं देश-दुनिया के टॉप डॉक्टर्स के विचार

  • देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के केस

  • डॉक्टर्स ने कहा- लोग एहतियात बरतें

  • लॉकडाउन में छूट के बाद टेस्टिंग बढ़ी
भारत में कोरोना वायरस के मरीज एक लाख से ज्यादा हो गये हैं. जबकि तीन हजार से ज्यादा मौत हो चुकी हैं. ये आंकड़ा ऐसे वक्त में बढ़ा है जब देश में लॉकडाउन 4.0 चल रहा है और ज्यादातर आर्थिक गतिविधियों को छूट भी दे दी गई है. ऐसे में जब जनता लंबे समय बाद घरों से बाहर निकल रही है तो कोरोना का बढ़ता संक्रमण भी चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मसले पर आजतक ने देश-दुनिया के मशहूर डॉक्टर्स से बातचीत की और उनसे पूछा कि अब इस चुनौती से कैसे पार पाया जाये.

मुंबई से आने वाले कोरोना टास्क फोर्स कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर गौतम भंसाली ने बताया कि अगले 15-20 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं, कोरोना मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है. डॉक्टर भंसाली ने कहा कि काफी मरीज ठीक हो रहे हैं और लॉकडाउन का असली मकसद ये था कि देश का हर आदमी संक्रमित न हो जाये. उन्होंने कहा, 'जिस वक्त देश में कोरोना आया, तब लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी. लॉकडाउन ने इतना वक्त दिया है कि जागरुकता के साथ-साथ हेल्थ इंफ्रस्ट्रक्चर विकसित हो गया है. तमाम नियम कायदे लोगों को समझ आ चुके हैं. अब हम उस स्थिति में हैं कि लोगों को पता है कैसे मास्क पहना जाये और कैसे हाथ धोये जाएं.'


वहीं, दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना केस बढ़ रहे हैं और ये चिंता का विषय है, लेकिन पैनिक की जरूरत नहीं है. उन्होंने आशंका जताई कि जून के आखिर तक ये केस और बढ़ेंगे लेकिन अच्छी बात ये है कि डेथ रेट कम है. इसके साथ ही डॉक्टर अरविंद ने कहा कि अब लॉकडाउन में राहत दे दी गई है, ऐसे में देशवासियों को चार बातों का ध्यान रखना होगा और कोरोना को हराना होगा.

इन चार बातों का रखें ध्यान, कोरोना का निकलेगा समधान

1- अगर जरूरत न हो तो घर से न निकलें.

2- जब भी घर से निकलें तो मास्क पहनकर निकलें.

3- एक मीटर की सोशल डेस्टेंसिंग का हर हाल में पालन करें.

4- कोई भी चीज छूने के बाद हाथ धोते रहें.

ये तमाम एहतियात वो हैं जो लगातार बताये जा रहे हैं. लेकिन अब जबकि लॉकडाउन में छूट के बाद लोग सड़कों और बाजारों में पहुंच रहे हैं तो कोरोना को हराने के लिये हेल्थ डिपार्टमेंट कैसे काम करे, इस पर भी विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी. जसलोक अस्पताल के डॉक्टर राजेश पारिख ने बताया कि जिन इलाकों में लॉकडाउन में छूट दी गई है वहां कोरोना की टेस्टिंग बढ़ानी चाहिये. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन छूट के बाद अगर कोरोना केस नहीं बढ़ते हैं तो अच्छी बात, नहीं तो लॉकडाउन में फिर से सख्ती की जा जानी चाहिये. डॉक्टर पारिख ने उम्मीद जताते हुये कहा कि जैसे 100 साल पहले स्पैनिश फ्लू से भारतीय जीते थे, आज भी जीतेंगे.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

अमेरिकी डॉक्टर ने क्या बताया

न्यूयॉर्क से जुड़े रिसर्चर और डॉक्टर धीरज कौल ने अमेरिका में कोरोना के हालात पर राय रखी और कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुछ दवाई ऐसी हैं जिसे देकर कोरोना के मरीज जल्दी रिकवर हो रहे हैं या आईसीयू के बाहर आ पा रहे हैं. इसके अलावा प्लाज्मा भी मरीजों को बेहतर कर रहा है. डॉक्टर कौल ने बताया कि 80 फीसदी लोग इस वायरस से खुद ही रिकवर कर लेंगे, खतरा केवल उन लोगों को है जो डायबिटीज, हाइपरटेंशन या किडनी जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं.

कोरोना की दवाई को लेकर डॉक्टर धीरज कौल ने कहा कि फिलहाल 126 वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है. इनमें 5 बड़ी कंपनी भी वैक्सीन पर काम कर रही हैं, इनके रिजल्ट अगर बेहतर आये तो हम जल्दी वैक्सीन बनाने में कामयाब हो सकते हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना पर स्टडी हो रही है जिसका रिजल्ट जून में आ जायेगा.

बहरहाल, वैक्सीन का सबको इंतजार है, लेकिन भारत में जहां कोरोना मरीज 1 लाख से ज्यादा हो गये हैं वहीं अब जून को लेकर भी चिंता है. दरअसल, दिल्ली एम्स के डायरेक्टर समेत कई विशेषज्ञ ये आशंका जता चुके हैं कि भारत में जून महीने में कोरोना वायरस पीक पर जायेगा. ऐसे में जरूरी ये है कि लॉकडाउन की राहत का गलत फायदा न उठाया जाये और आने वाले खतरे को दूर किया जाये.

देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

Credit Aaj Tak

I am an expert web developer who is the founder , a website about WordPress and Blogger platform.

0 Comments: