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मानसिक रोगी ने थाने के अंदर किया हमला, गई जान, CCTV में कैद हुआ वाकया

बता दें कि मानसिक रूप से बीमार शख्स ने फावड़े से मिठाई लाल के पेट पर एक के बाद एक तीन वार किए. हालांकि हमला होते ही थाने का मुंशी तुरंत हमलावर मनोरोगी को काबू करने लगा, बरामदे में मौजूद पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और फावड़े को पकड़ लिया लेकिन तब तक मिठाईलाल पर तीन वार हो चुके थे. इसके बाद घायल मिठाई लाल को पुलिस तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची. जहां डॉक्टरों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया. दरअसल फावड़े के तीन वार से उसकी आंत पूरी तरह से फट चुकी थी, हालांकि बाहर से सिवाय फावड़े के निशान के कोई गहरा जख्म नहीं नजर आ रहा था. फिर प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में मिठाई लाल ने दम तोड़ दिया.
प्रतापगढ़ के एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि रानीगंज थाने के आमापुर बोर्रा के रहने वाले सगे भाई मेवालाल व मिठाईलाल का जमीनी विवाद हो गया था. जिसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर फोन किया गया था, फिर पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से थाने में शिकायत दर्ज कर ली थी. इसके अलावा एक मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति के रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या की आशंका पर स्थानीय लोगों ने पकड़कर 112 नंबर पर सूचना दी थी और उसे भी थाने में बंद किया गया था. अन्य आरोपी जब गहरी नींद में थे, थाने का मुंशी फाइलों में उलझा था और एक सशस्त्र सिपाही निगरानी करके जैसे ही बाहर निकला तुरंत मानसिक रोगी इंद्रपाल उठा और गमछे को मेज पर रखते हुए फावड़ा उठा लिया और मिठाई लाल पर ताबड़तोड़ तीन वार कर दिए.
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इस घटना के बाद थाने के तीन सिपाहियों को एसपी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा सीओ और इंस्पेक्टर रानीगंज की लापरवाही की जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेन्द्र द्विवेदी को सौंप दी है. इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही भी साफ तौर पर देखी जा सकती है कि अगर पुलिस को पता था कि इन्द्रपाल मानसिक रूप से बीमार है तो उसे अलग लॉकअप में रखना चाहिए था.
Credit Zee News India
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